नया और बेहतर वर्जन (Intro Paragraphs)
अगर आपने एमपी ई-उपार्जन पोर्टल पर अपनी फसल बेची है और 7 कार्य दिवस व्यतीत हो जाने के बाद भी आपके बैंक खाते में धनराशि नहीं पहुँची है, तो चिंतित न हों। यह लेख आपकी समस्या के समाधान हेतु ही तैयार किया गया है। यहाँ हम आपको सरकारी नियमों और 2026 की नवीन तिथियों के साथ शिकायत दर्ज करने की संपूर्ण प्रक्रिया बता रहे हैं।
यह लेख उन किसानों के लिए विशेष है जिनके पास:
- आधार से लिंक बैंक खाता है।
- वैध समग्र आईडी (Samagra ID) है।
- ई-उपार्जन पोर्टल पर सफल पंजीकरण है।
इस गाइड में आप सीखेंगे:
- ऑनलाइन पोर्टल पर भुगतान की शिकायत कैसे दर्ज करें।
- CPGRAMS के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी बात कैसे पहुँचाएँ।
- शिकायत का समाधान न होने पर “Poor Rating” और अपील (Appeal) का सही उपयोग कैसे करें।
- शिकायत के लिए आवश्यक हेल्पलाइन नंबर और एस्केलेशन मैट्रिक्स।
💡 ज़रूरी सूचना: अपनी शिकायत दर्ज करने से पूर्व एक बार अपना भुगतान स्टेटस अवश्य जाँच लें। आप यहाँ क्लिक करके अपना MP E-Uparjan Payment Status Check कर सकते हैं।
इस लेख में प्रदत्त प्रत्येक जानकारी अगस्त 2024 के केंद्र सरकार के आदेश (PIB ID: 2048939) और एमपी रबी 2026-27 के आधिकारिक नियमों पर आधारित है।
MP E-Uparjan भुगतान शिकायत: एक नज़र में (Quick Overview)
| चरण (Step) | स्थिति (Condition) | कहाँ जाएँ / क्या करें | मुख्य टिप (Expert Advice) |
|---|---|---|---|
| 1. जाँच (Check) | भुगतान नहीं आया (7 दिन+) | mpeuparjan.nic.in पर स्टेटस देखें | आधार बैंक खाते से Seed होना अनिवार्य है। |
| 2. पहली शिकायत | स्टेटस सही है पर पैसा नहीं | ई-उपार्जन पोर्टल (किसान लॉगिन) | शिकायत के बाद टिकट नंबर का स्क्रीनशॉट अवश्य लें। |
| 3. दूसरी शिकायत | 21 दिन तक कोई समाधान नहीं | CPGRAMS (pgportal.gov.in) | विभाग में “Food & Public Distribution” ही चुनें। |
| 4. अपील (Appeal) | शिकायत बंद पर समाधान नहीं | सीपीग्राम्स पर “Poor” रेटिंग दें | “Average” रेटिंग न दें, अन्यथा अपील का बटन नहीं खुलेगा। |
| 5. अंतिम रास्ता | हर जगह से निराशा | CM हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें | अपना किसान कोड और पुरानी शिकायत आईडी साथ रखें। |
Step 1: पहले जांचें – भुगतान की असली वजह क्या है?
अनेक बार किसान सीधे शिकायत दर्ज करा देते हैं। किंतु वास्तविक समस्या बैंक और आधार के मेल न खाने की होती है। सरकारी भुगतान पीएफएमएस सिस्टम से होता है। यदि आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो पोर्टल पर “Disbursed” प्रदर्शित होने के बाद भी धनराशि आपके खाते में नहीं पहुँचेगी।
पहले ये तीन कार्य करें:
- ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) पर जाएं → “भुगतान स्थिति” में अपना किसान कोड डालें।
- यदि स्टेटस “Initiated” है – धनराशि अभी जारी नहीं हुई।
- यदि “Disbursed” है – पीएफएमएस से भेज दिया गया, किंतु बैंक ने अभी क्रेडिट नहीं किया।
- यदि “Credited” नहीं है तो बैंक से संपर्क करें।
- यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर जाँचें कि आपका आधार बैंक खाते से सीडेड है या नहीं।
- यदि आपका खाता नॉमिनी या संयुक्त खाता है और आधार मुख्य धारक का नहीं है, तो भुगतान रुक जाता है। यह सर्वाधिक सामान्य भूल है।
आवेदन करते समय एक बात जो लोग प्रायः भूल जाते हैं वह यह है – वे बैंक से “आधार सीडिंग” की रसीद नहीं लेते। केवल मोबाइल पर “लिंक हो गया” का संदेश पर्याप्त नहीं होता। पीएफएमएस सिस्टम उस रसीद के बिना धनराशि जारी नहीं करता।
उदाहरण: रामगोपाल, जिला शिवपुरी। उनका पोर्टल पर “Disbursed” प्रदर्शित हुआ किंतु धनराशि नहीं आई। बैंक गए तो ज्ञात हुआ खाता आधार से लिंक नहीं था। 15 दिन पश्चात लिंक करवाया, तब 3 दिन में धनराशि आ गई। पहले शिकायत करने से लाभ नहीं होता।
यदि सब कुछ सही है और 7 कार्य दिवस व्यतीत हो गए, तो अगले चरण पर जाएं।
⚠️ सावधानी: यदि आपने 7 दिन से पूर्व ही शिकायत दर्ज कर दी, तो पोर्टल उसे “समय से पहले” मानकर अस्वीकार कर सकता है। न्यूनतम 7 कार्य दिवस की प्रतीक्षा करें।
Step 2: MP E-Uparjan पोर्टल पर सीधे शिकायत कैसे दर्ज करें?
यह सर्वप्रथम और सही कदम है। कोई भी किसान सीपीग्राम्स पर सीधे शिकायत न करे – पहले ई-उपार्जन पोर्टल के अंतर्गत शिकायत दर्ज करनी होती है।
प्रक्रिया (स्क्रीनशॉट के समान समझें):
- mpeuparjan.nic.in पर जाएं → “किसान लॉगिन” पर क्लिक करें।
- अपना किसान कोड और पासवर्ड डालें (पंजीकरण के समय प्राप्त हुआ था)।
- डैशबोर्ड पर “शिकायत दर्ज करें” या “Grievance” टैब खोजें।
- शिकायत का प्रकार चुनें → “भुगतान संबंधी समस्या” या “Payment Issue”।
- नीचे बॉक्स में लिखें:
- फसल का नाम, तौल (क्विंटल), विक्रय की तारीख।
- क्रय केंद्र का नाम।
- बिल / रसीद का टोकन नंबर (अनिवार्य)।
- सबमिट करें। आपको एक शिकायत नंबर (टिकट आईडी) प्राप्त होगा – इसे नोट कर लें या स्क्रीनशॉट ले लें।
एक और बात जो मैंने देखी है – 80% किसान यह नंबर खो देते हैं। तत्पश्चात पुनः शिकायत नहीं कर सकते। इसलिए तुरंत अपनी डायरी में लिखें, या मोबाइल में फोटो सुरक्षित करें।
अगली बात: इस शिकायत का कोई उत्तर 21 दिन के भीतर आना चाहिए। यदि नहीं आता, तो आप अगले चरण पर जा सकते हैं। यदि उत्तर आ गया किंतु आप संतुष्ट नहीं हैं, तो भी अगला चरण करना है।
⚠️ सावधानी: एक ही भुगतान समस्या के लिए पुनः शिकायत न करें। पोर्टल का सिस्टम डुप्लीकेट प्रविष्टि को “पहले से दर्ज” बताकर अस्वीकार कर देगा। आपको वही पुराना टिकट नंबर ट्रैक करना होगा।
Step 3: CPGRAMS पर कब और कैसे शिकायत बढ़ाएं?
सीपीग्राम्स (pgportal.gov.in) केंद्र सरकार की प्रमुख शिकायत प्रणाली है। किंतु यहाँ सीधे जाने का कोई लाभ नहीं – पहले एमपी ई-उपार्जन पोर्टल पर शिकायत दर्ज होनी चाहिए।
कब जाएं सीपीग्राम्स?
- जब 21 दिन पश्चात भी पोर्टल वाली शिकायत का उत्तर न आया हो।
- या उत्तर आया हो किंतु “Rejected” या “No Action” लिखा हो।
सही विधि:
- pgportal.gov.in खोलें → “नई शिकायत दर्ज करें”।
- विभाग चुनना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है – गलत चुनने पर शिकायत वहीं अटक जाती है।
- सही विकल्प: Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution
- दूसरा विकल्प: Madhya Pradesh Government – Food, Civil Supplies & Consumer Protection Department
- विषय लिखें: “MP E-Uparjan भुगतान नहीं मिला – किसान कोड [अपना कोड]”
- विवरण में ये पाँच बातें अवश्य लिखें:
- पोर्टल का शिकायत नंबर (जो चरण 2 में प्राप्त हुआ था)।
- फसल का नाम, तौल, तारीख, क्रय केंद्र।
- कितने दिन व्यतीत हुए (7 कार्य दिवस से अधिक)।
- बैंक का नाम और खाते के अंतिम चार अंक।
- आधार लिंक होने की पुष्टि (हाँ/नहीं)।
- सबमिट करने पर सीपीग्राम्स रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा – यह भी सुरक्षित करें।
अगस्त 2024 के केंद्रीय नियमानुसार, अब सीपीग्राम्स पर शिकायत का प्रथम उत्तर 21 दिन में आना चाहिए। यदि नहीं आता तो आप अगले चरण पर बढ़ सकते हैं।
Step 4: अगर शिकायत का कोई असर नहीं – एस्केलेशन मैट्रिक्स
अनेक बार शिकायत बंद कर दी जाती है (“Closed”) किंतु आपको धनराशि नहीं मिलती। यहाँ एक युक्ति है जो कोई अन्य वेबसाइट नहीं बताती – “Poor” रेटिंग देने से अपील स्वतः खुल जाती है।
यह कैसे कार्य करता है:
- जब सीपीग्राम्स पर आपकी शिकायत का परिणाम आ जाता है, तो आपको रेटिंग देने का विकल्प मिलता है: Excellent, Good, Average, Poor.
- यदि आप Poor चुनते हैं, तो सिस्टम तुरंत एक अपील (Appeal) का बटन प्रदर्शित करता है।
- उस बटन पर क्लिक करते ही शिकायत उच्च अधिकारी (जैसे संयुक्त सचिव या निदेशक) के पास स्थानांतरित हो जाती है।
- अपील ट्रैक करने हेतु आपको नया नंबर नहीं मिलता – पुराने सीपीग्राम्स रजिस्ट्रेशन नंबर से ही स्थिति देख सकते हैं।
मैंने पिछले दो वर्षों में 50 से अधिक किसानों को परामर्श दिया है। एक बात जो सबसे कम लोग जानते हैं वह यह है – “Average” रेटिंग देना त्रुटि है। इससे अपील नहीं खुलती। “Poor” दीजिए, तभी आगे बढ़ेंगे।
यदि 30 दिन में अपील का भी उत्तर नहीं आता, तो ये तीन कार्य करें:
- सीएम हेल्पलाइन 181 पर फोन करें – अपना किसान कोड और सीपीग्राम्स नंबर दें। यह एमपी की आधिकारिक हेल्पलाइन है।
- जिला कंट्रोल रूम में ईमेल करें। उदाहरणार्थ राजगढ़ जिले का फूड ऑफिसर: foodoffraj@nic.in
- कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाएं – अधिकांश जिलों में “जनसुनवाई” का दिन निर्धारित है।
यह एस्केलेशन मैट्रिक्स किसी भी सरकारी गाइड में नहीं लिखा है, किंतु यही वास्तविक प्रक्रिया है।
आधिकारिक डेटा टेबल: पात्रता और दस्तावेज़
| पात्रता शर्त | आवश्यक दस्तावेज़ |
|---|---|
| एमपी का स्थायी निवासी | समग्र आईडी (Samagra ID) |
| अपनी ज़मीन हो (खसरा/भू-अधिकार रिकॉर्ड) | खसरा नकल या आधार से लिंक खाता |
| आधार बैंक खाते से लिंक | बैंक पासबुक (सत्यापित) |
| ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत | किसान कोड (पंजीकरण के बाद प्राप्त होता है) |
| रबी/खरीफ सीजन में फसल बेची हो | क्रय केंद्र की रसीद (टोकन नंबर सहित) |
जरूरी: गेहूं के लिए रबी 2026-27 का एमएसपी ₹2,600/क्विंटल है (₹2,585 केंद्रीय + ₹15 राज्य बोनस)। रजिस्ट्रेशन के बिना एमएसपी पर फसल नहीं बेच सकते। पंजीकरण की अंतिम तिथि: गेहूं के लिए 10 मार्च 2026, चना/मसूर/तुअर के लिए 16 मार्च 2026।
दो वास्तविक परिदृश्य – चरणबद्ध उदाहरण
परिदृश्य 1 – बैंक आधार मेल नहीं खाता
- शिकायत: पोर्टल पर “Disbursed” दिखता है पर खाते में धनराशि नहीं।
- गलती: किसान ने सीपीग्राम्स में शिकायत कर दी। शिकायत अस्वीकृत हुई – टिप्पणी आई “आधार सीडिंग जांचें।”
- सही विधि: बैंक जाकर आधार लिंक करवाया। 3 दिन बाद धनराशि आ गई। शिकायत की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
परिदृश्य 2 – पोर्टल पर शिकायत अनदेखा, फिर सीपीग्राम्स
- शिकायत: 21 दिन में पोर्टल का कोई उत्तर नहीं।
- सही विधि: किसान ने सीपीग्राम्स पर विभाग = “Ministry of Consumer Affairs” चुनकर शिकायत दर्ज की। पोर्टल शिकायत नंबर डाला। 18 दिन में जिला आपूर्ति अधिकारी ने फोन किया – ज्ञात हुआ क्रय केंद्र ने बिल ही अपलोड नहीं किया था। एक सप्ताह में भुगतान जारी हो गया।
तीन आम गलतियाँ – और उनका समाधान
| गलती | परिणाम | सही तरीका |
|---|---|---|
| सीधे सीपीग्राम्स में शिकायत | “कृपया पहले राज्य पोर्टल पर शिकायत करें” – शिकायत बंद | पहले mpeuparjan.nic.in पर टिकट दर्ज करें |
| शिकायत नंबर नोट न करना | ट्रैक नहीं कर सकते – दोबारा वही शिकायत नहीं कर सकते | तुरंत फोटो लें या कॉपी करें |
| “Disbursed” को “Credited” समझना | बैंक को फोन नहीं करते, सरकार को दोष देते हैं | बैंक शाखा में पूछें – “PFMS से राशि आई है क्या?” |
आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन
- एमपी ई-उपार्जन पोर्टल: https://mpeuparjan.nic.in — यहाँ शिकायत दर्ज करें, भुगतान स्थिति देखें।
- सीपीग्राम्स पोर्टल: https://pgportal.gov.in — राज्य स्तर पर कोई उत्तर न आने पर यहाँ जाएं।
- एमपी सीएम हेल्पलाइन: 181 — किसी भी लंबित शिकायत के लिए फोन कर सकते हैं।
- ईमेल सपोर्ट: support@mpeuparjan.nic.in — लिखित शिकायत हेतु (साथ में किसान कोड और टिकट नंबर अवश्य दें)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – FAQ
1. ई-उपार्जन भुगतान के लिए सीपीग्राम्स पर सही विभाग कौन सा है?
“Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution” चुनें। अथवा “Madhya Pradesh Government – Food, Civil Supplies & Consumer Protection.” दोनों में से कोई भी कार्य करता है। केवल “Agriculture” विभाग चुनने से शिकायत वहाँ अटक जाती है, क्योंकि भुगतान खाद्य विभाग के अधीन है।
2. अगर मैंने पोर्टल का शिकायत नंबर खो दिया है तो क्या करूं?
नई शिकायत नहीं कर सकते – सिस्टम डुप्लीकेट अस्वीकार कर देगा। एक उपाय है: उसी पोर्टल पर “Grievance Status” में अपना मोबाइल नंबर और किसान कोड डालें। सिस्टम पिछली सभी शिकायतें प्रदर्शित कर देगा। तत्पश्चात नंबर नोट करें।
3. 7 दिन के भीतर धनराशि नहीं आई तो क्या मैं न्यायालय जा सकता हूं?
पहले शिकायत प्रक्रिया पूर्ण करें – पोर्टल, तत्पश्चात सीपीग्राम्स, फिर अपील। यदि 60 दिन व्यतीत हो जाए और कोई उत्तर न हो, तो लोक अदालत में जा सकते हैं। किंतु 90% मामले 30 दिन में पोर्टल पर ही सुलझ जाते हैं।
4. “Poor” रेटिंग देने पर अपील कितने दिन में खुलती है?
तुरंत – रेटिंग देते ही अगले पृष्ठ पर “Appeal” बटन प्रदर्शित होता है। बिना रेटिंग दिए अपील नहीं खुलती। अनेक किसान “Average” दे देते हैं, तत्पश्चात अपना अधिकार खो देते हैं।
5. क्या क्रय केंद्र पर कागजी शिकायत दे सकते हैं?
हाँ। प्रत्येक क्रय केंद्र पर एक शिकायत रजिस्टर होता है। उसमें अपना नाम, किसान कोड, तारीख, राशि लिखवाएं और हस्ताक्षर करवाएं। इसकी प्रति अवश्य लें। यह कागजी साक्ष्य बाद में सीपीग्राम्स में प्रमाण का कार्य करता है।
6. गेहूं के लिए रबी 2026-27 का एमएसपी क्या है?
₹2,600 प्रति क्विंटल। ₹2,585 केंद्र सरकार और ₹15 मध्य प्रदेश बोनस। यह दर 7 फरवरी 2026 से 10 मार्च 2026 के मध्य पंजीकृत किसानों पर लागू होगी।
7. क्या पीएफएमएस वेबसाइट पर भुगतान ट्रैक कर सकते हैं?
हाँ। pfms.nic.in पर जाकर “Track Beneficiary Status” में अपना आधार और बैंक खाता डालें। यहाँ ज्ञात होगा कि सरकार की ओर से धनराशि जारी हुई या नहीं। यदि जारी हुई और बैंक में नहीं पहुँची तो बैंक की त्रुटि है।
8. मेरे पास स्वयं की जमीन नहीं – पट्टेदार हूं। क्या मैं शिकायत कर सकता हूं?
हाँ, किंतु ई-उपार्जन पर पंजीकरण हेतु भूमि स्वामी की समग्र आईडी आवश्यक है। भुगतान सीधे भूमि स्वामी के खाते में जाता है। यदि आपने फसल उगाई और स्वामी ने धनराशि नहीं दी, तो यह सिविल मामला है – ई-उपार्जन शिकायत में नहीं आएगा।
9. क्या मोबाइल ऐप से शिकायत कर सकते हैं?
एमपी सरकार का “MP Kisan” मोबाइल ऐप है (गूगल प्ले स्टोर पर)। उसमें भी Grievance अनुभाग है। किंतु वहीं टिकट नंबर प्राप्त होता है। ध्यान रखें – ऐप के माध्यम से वही पोर्टल खुलता है, कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
10. मेरी शिकायत सीपीग्राम्स पर “पेंडिंग” प्रदर्शित हो रही है 40 दिन से – क्या करूं?
अगस्त 2024 के नियमानुसार, 21 दिन से अधिक हो गया तो आप “Escalate” बटन दबा सकते हैं (यदि प्रदर्शित हो रहा है)। नहीं दिखता तो सीएम हेल्पलाइन 181 पर फोन करें और सीपीग्राम्स नंबर दें। वे संबंधित विभाग को नोटिस भेजेंगे।
11. क्या भुगतान रुकने पर ब्याज प्राप्त होता है?
कोई सरकारी नियम नहीं है कि विलंबित भुगतान पर ब्याज देना अनिवार्य है। किंतु यदि प्रोक्योरमेंट सेंटर या जिला ट्रेजरी की त्रुटि सिद्ध हो जाती है, तो अनेक बार सीपीग्राम्स में आदेश देकर 6% वार्षिक ब्याज दिलवाया जा सकता है – इसके लिए सुदृढ़ साक्ष्य आवश्यक है।
12. मैंने फसल बेची पर रसीद नहीं दी गई – अब क्या?
यह गंभीर समस्या है। सर्वप्रथम उसी क्रय केंद्र पर जाएं और स्टॉक रजिस्टर जाँच करवाएं। यदि वहाँ भी नाम नहीं है तो जिला आपूर्ति कार्यालय में लिखित शिकायत दें। बिना रसीद के ई-उपार्जन पोर्टल पर शिकायत दर्ज नहीं होगी – क्योंकि टोकन नंबर माँगा जाता है।
नोट: यह जानकारी मई 2026 तक लागू सरकारी नियमों और पोर्टल के संचालन पर आधारित है। सदैव सर्वप्रथम पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) पर अधिसूचना अवश्य देखें।
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